हनुमान मंत्र: नौकरी के लिए

By adarsh

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हनुमान मंत्र: नौकरी के लिए

 हनुमान मंत्र: नौकरी के लिए

1. “ॐ बजरंग बली हनुमान, की जय।”

यह एक सरल मंत्र है जो हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए बहुत प्रभावशाली माना जाता है। इसे आप रोजाना 108 बार जप कर सकते हैं।

2. “ॐ नमो हनुमते नमः।”

यह हनुमान जी का मूल मंत्र है। इसे आप रोजाना 108 बार जप कर सकते हैं।

3. “कवन सो काज कठिन जग माहि, जो नहीं होय तात तुम पाहीं।”

यह हनुमान जी के चालीसा का एक प्रसिद्ध दोहा है। इसे आप रोजाना 108 बार जप कर सकते हैं।

4. “ॐ श्री हनुमते नमः।”

यह हनुमान जी का बीज मंत्र है। इसे आप रोजाना 108 बार जप कर सकते हैं।

5. “श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधार।।”

यह गुरु मंत्र है। इसे आप हनुमान मंत्र जपने से पहले 108 बार जप कर सकते हैं।

हनुमान जी के मंदिर में जाकर “ॐ नमो हनुमते नमः।” मंत्र का 108 बार जप करने के लिए:

तैयारी:

  • स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • हनुमान जी के मंदिर में जाएं।
  • हनुमान जी के चरणों में फूल, फल, और मिठाई चढ़ाएं।
  • दीप प्रज्वलित करें।
  • धूप जलाएं।

मंत्र जप:

  • माला लेकर बैठें।
  • अपनी आंखें बंद करें।
  • मन में हनुमान जी का ध्यान करें।
  • “ॐ नमो हनुमते नमः।” मंत्र का 108 बार जप करें।
  • मंत्र जप करते समय एकाग्र रहें।
  • मंत्र जप करते समय सच्चे मन से हनुमान जी का ध्यान करें।

मंत्र जप के बाद:

  • हनुमान जी की आरती करें।
  • हनुमान जी को प्रणाम करें।
  • मंदिर से प्रसाद लेकर घर आएं।

कुछ महत्वपूर्ण बातें:

  • मंत्र जप करते समय शांत स्थान पर बैठें।
  • मंत्र जप करते समय मोबाइल फोन बंद रखें।
  • मंत्र जप करते समय किसी से बात न करें।
  • नियमित रूप से मंत्र जप करें।

हनुमान जी की कृपा से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।

यहाँ कुछ अन्य मंत्र भी हैं जिनका आप हनुमान जी के मंदिर में जाकर जप कर सकते हैं:

  • “ॐ बजरंग बली हनुमान, की जय।”
  • “श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधार।।”
  • “हनुमान चालीसा।”

हनुमान जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे।

यह भी ध्यान रखें कि केवल मंत्र जपने से ही नौकरी नहीं मिल जाएगी। आपको इसके लिए कड़ी मेहनत भी करनी होगी।

हनुमान जी आपकी सहायता करेंगे।

हनुमान जी की उड़ान का रहस्य: विज्ञान और धर्म का संगम

हनुमान जी का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में उड़ान की छवि आती है। रामायण में उनका एक ही रात में लंका से हिमालय जाकर संजीवनी बूटी लाने का वर्णन, उनकी अलौकिक उड़ान क्षमता का प्रमाण है। लेकिन क्या यह सिर्फ पौराणिक कथा है, या इसमें विज्ञान का कोई तत्व छुपा है? आइये इस रहस्य को थोड़ा और करीब से जानें।

हनुमान मंत्र: नौकरी के लिए

पौराणिक कथाओं के अनुसार:

  • रामायण में बताया गया है कि हनुमान जी पवनपुत्र थे, अर्थात वायु देवता के पुत्र। इस वजह से उन्हें उड़ने की अद्भुत क्षमता प्राप्त थी।
  • कुछ कथाओं में उन्हें वरदान भी मिला था कि वह आकार भी बदल सकते थे, जिससे उनकी गति और बढ जाती थी।
  • लंका से हिमालय तक की दूरी लगभग 2500 किलोमीटर मानी जाती है। माना जाता है कि हनुमान जी ने यह दूरी मात्र कुछ घंटों में ही पूरी कर ली थी।

विज्ञान की नजर से:

  • आधुनिक विज्ञान यह दावा नहीं करता कि मनुष्य अलौकिक गति से उड़ सकता है।
  • लेकिन, क्या हम यह मान सकते हैं कि उस समय की साहित्यिक भाषा में उड़ान को अतिश्योक्तिपूर्ण ढंग से बताया गया हो?
  • कुछ विद्वानों का मानना है कि शायद हनुमान जी ने हवा की धाराओं का सहारा लेकर बहुत तेज़ गति से हवाई यात्रा की होगी।
  • कुछ अन्य का मानना है कि वो किसी पक्षी पर सवार होकर गए होंगे।

क्या रहस्य सुलझाया जा सकता है?

  • यह निश्चित रूप से कहना मुश्किल है कि हनुमान जी कितनी तेज़ी से उड़ सकते थे।
  • पौराणिक कथाओं को शाब्दिक रूप से लेना ज़रूरी नहीं है, उनमें प्रतीकात्मक और दार्शनिक अर्थ भी छुपे हो सकते हैं।
  • हनुमान जी की उड़ान शायद उनकी निष्ठा, भक्ति और असीमित शक्ति का प्रतीक है।

निष्कर्ष:

हनुमान जी की उड़ान का रहस्य सदियों से लोगों को चकित करता रहा है। शायद यह हमेशा एक रहस्य ही बना रहेगा, लेकिन यही रहस्य ही इस कहानी को और भी रोचक बनाता है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि रामायण और हनुमान जी की कहानी का असली सार धर्म, कर्तव्य और निष्ठा का संदेश है।

adarsh

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