RADHA रानी की कृपा से कैसे बदल जाएगी आपकी जिन्दगी ?

By Romil Pandey

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RADHA रानी की कृपा से कैसे बदल जाएगी आपकी जिन्दगी ?

RADHA जी का जन्म :- 

राधा जी का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था, जिसे राधाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। राधाष्टमी का त्यौहार हर साल अगस्त या सितंबर में आता है।

RADHA जी के माता पिता का नाम :- 

राधा जी के जन्म के बारे में कई कथाएं हैं, जिनमें से सबसे लोकप्रिय कथा यह है कि वे वृषभानु और कीर्ति नामक गोप दंपति की पुत्री थीं।

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कहा जाता है कि राधा जी का जन्म एक कमल के फूल में हुआ था, जो यमुना नदी के किनारे स्थित था। जब वृषभानु और कीर्ति ने कमल के फूल को देखा, तो उन्हें उसमें एक सुंदर बच्ची मिली। उन्होंने बच्ची को अपना नाम दिया और उसे राधा नाम दिया।

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RADHA जी बचपन से ही बहुत सुंदर और चंचल थीं। उन्हें कृष्ण के साथ खेलना बहुत पसंद था। कृष्ण और राधा बचपन के दोस्त थे, और उनका प्रेम धीरे-धीरे प्रेम में बदल गया।

RADHAऔर KRISHNA का प्रेम :- 

राधा जी कृष्ण की प्रिय और शक्ति हैं। उन्हें अक्सर कृष्ण की पत्नी या प्रेमिका के रूप में देखा जाता है, लेकिन उन्हें उनकी अपनी शक्ति और व्यक्तित्व वाली देवी के रूप में भी पूजा जाता है।

RADHA KRISHNA की कई लीलाओं (लीलाओं) में एक केंद्रीय व्यक्ति हैं। वह रास लीला में उनकी साथी हैं, जहां कृष्ण और गोपियाँ चांदनी रात में नृत्य करते हैं। वह गोवर्धन लीला में भी शामिल हैं, जहां कृष्ण ने गोपियों और गायों को इंद्र के क्रोध से बचाया था।

राधा को प्रेम, भक्ति और करुणा की देवी के रूप में पूजा जाता है। उन्हें महिलाओं और बच्चों की रक्षक भी माना जाता है। भारत में RADHA के कई मंदिर हैं, और उन्हें हिंदुओं द्वारा पूरे विश्व में पूजा जाता है।

राधा कृष्ण के प्रति प्रेम का प्रतीक हैं। उनका प्रेम शुद्ध, निःस्वार्थ और पूर्ण है। यह भक्त और भगवान के बीच प्रेम का प्रतीक है.

 क्यों कहा जाता है RADHA जी को बरसाने वाली :- 

     RADHA को "बरसाने वाली" क्यों कहा जाता है, इसके पीछे कई कारण हैं
  1. बरसाना में RADHA का जन्म: राधा का जन्म बरसाना नामक स्थान पर हुआ था, जो मथुरा के पास स्थित है। इस वजह से उन्हें “बरसाने वाली राधे” कहा जाता है।
  2. बरसाना में होली का त्यौहार: बरसाना में होली का त्यौहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस त्यौहार में, महिलाएं पुरुषों पर रंगों और पानी की बौछार करती हैं। इस वजह से भी राधा को “बरसाने वाली” कहा जाता है।
  3. RADHA का प्रेम: राधा का प्रेम कृष्ण के लिए बहुत गहरा था। कहा जाता है कि उनके प्रेम से प्रेरित होकर कृष्ण ने बरसाना में गोपियों के साथ रासलीला रचाई थी। इस वजह से भी राधा को “बरसाने वाली” कहा जाता है।
  4. RADHA की शक्ति: राधा में अद्भुत शक्तियां थीं। कहा जाता है कि वे अपने प्रेम से बरसात ला सकती थीं। इस वजह से भी उन्हें “बरसाने वाली” कहा जाता है।
  5. RADHA की कृपा: RADHA को कृपा की देवी भी माना जाता है। कहा जाता है कि वे अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। इस वजह से भी उन्हें “बरसाने वाली” कहा जाता है।

   कैसे खेलते है RADHA KRISHNA होली :-

                                -: RADHA KRISHNA की होली :- 

RADHA रानी की कृपा से कैसे बदल जाएगी आपकी जिन्दगी ?

होली का त्यौहार भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम का प्रतीक है। इस त्यौहार में, लोग रंगों और पानी से खेलते हैं और एक दूसरे को गले लगाते हैं।

RADHA KRISHNA की होली के बारे में कई कहानियां हैं, जिनमें से सबसे लोकप्रिय कहानी यह है कि कृष्ण ने राधाऔर गोपियों के साथ बरसाना में रासलीला रचाई थी। इस रासलीला में, कृष्ण ने गोपियों के साथ रंगों और पानी से खेला था।

यह त्यौहार भारत में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। लोग रंगों और पानी से खेलते हैं, गाने गाते हैं और नृत्य करते हैं।

  होली के कुछ मुख्य रीति रिवाज :- 

      RADHA KRISHNA की होली के कुछ मुख्य रीति-रिवाज इस प्रकार हैं:

  • लठमार होली:

बरसाना में, महिलाएं पुरुषों पर लाठी से रंगों और पानी की बौछार करती हैं। यह रीति-रिवाज राधाऔर कृष्ण के बीच प्रेम का प्रतीक है।

RADHA रानी की कृपा से कैसे बदल जाएगी आपकी जिन्दगी ?

  • फूलों की होली:

मथुरा में, लोग फूलों से होली खेलते हैं। यह रीति-रिवाज राधाऔर कृष्ण की सुंदरता का प्रतीक है।

  • धुलंडी:

इस दिन, लोग एक दूसरे को रंगों और पानी से रंगते हैं। यह रीति-रिवाज खुशी और उत्सव का प्रतीक है।

RADHA KRISHNA की होली प्यार, खुशी और उत्सव का त्यौहार है। यह त्यौहार लोगों को एक साथ लाता है और उन्हें एक दूसरे के साथ रंगों और पानी से खेलने का मौका देता है 

Romil Pandey

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