कैसे हुई ॐ की उत्पत्ति नहीं जानते 99 % लोग...?

ॐ ब्रह्मा, विष्णु और शिव के रूप में ब्रह्माण्ड का प्रतीक है 

यह नाद ब्रह्म या परमात्मा की प्राणवायु का प्रतिबिंब है  

सृष्टि का आदि और अंत है। इसे अनादि और अपार माना जाता है 

ॐ ध्यान और मन्त्र जाप का प्रतीक है ॐ आचार्यों के द्वारा प्रयोग होता है 

ॐ का मन्त्र जाप और ध्यान धारणा मन को शांत और स्थिर बनाने में मदद करता है 

यह मन की चंचलता को कम करता है और मानसिक तनाव को कम करने में सहायता प्रदान करता है। 

यह मानसिक शुद्धि और अच्छे विचारों को प्रोत्साहित करता है। 

भगवान् शिव भी करते है ॐ का जप  "शिव का मंत्र " ॐ शिवोहम 

कलयुग में आज भी हमारी रक्षा कर रहें ये लोग….?