कर्ण पिशाचिनी विद्या की सिद्धि 

साधक को एकांत स्थान पर एक चौकी स्थापित करनी चाहिए 

चौकी पर एक तांबे का पात्र रखना चाहिए 

पात्र में गाय का शुद्ध घी भरना चाहिए 

घी में एक त्रिशूल बनाना चाहिए 

त्रिशूल के ऊपर कर्ण पिशाचिनी का मंत्र जपना चाहिए 

मंत्र जप करते समय साधक को अपने मन में उस व्यक्ति के बारे में सोचना चाहिए 

जिसके बारे में वह जानकारी प्राप्त करना चाहता है।