आडवाणी ने राम मंदिर आंदोलन को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए भी कई प्रयास किए

उन्होंने भाजपा को इस आंदोलन का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया 

इस आंदोलन को भाजपा के राजनीतिक एजेंडे का एक प्रमुख हिस्सा बनाया। 

आडवाणी के प्रयासों के परिणामस्वरूप, भाजपा ने 1991 के लोकसभा चुनावों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की  

राम मंदिर आंदोलन को एक राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित किया 

आडवाणी ने बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद भी राम मंदिर आंदोलन को जारी रखा 

उन्होंने 2002 में अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन का कार्यक्रम शुरू किया 

यह कार्यक्रम एक बड़ी सफलता थी और इसने राम मंदिर आंदोलन को एक नए चरण में ले गया